भोत दिन के बाद अपुन की खोली में कोई गुड न्यूज सुनने कू मिली है। सर्किट बाप बन गयेला है। बोले तो उसकी फैमिली में एक और टपोरी बढ़ गयेला है।
वइसे शादी तो उसने पांच साल पहले इच बना ली थी , पन इस जालिम वर्ल्ड में जूनियर सर्किट की एंट्री के बारे में सोचके भोत डरता था। कइसे पालेंगा , क्या खिलाएंगा और सबसे बड़ी टेंशन ये कि बड़ा होके उसकू क्या बनाएंगा। ये सब सोच सोच के वो अपना सर्किट तो फ्यूज करता इच था , अपुन के दिमाग का भी दही कर देता था। अपुन तो ये सोच के डरता था कि अभी बाप नहीं बनेला है तो इत्ता टेंशन है ,, जब बाप बन जाएंगा , तो क्या करेंगा।
अचानक सर्किट की लाइफ में टर्निंग पॉइंट आया। उसके साथ के सब टपोरी लोग एक के बाद एक बाप बनने लगे। आज किसी की खोली से लड्डू आ रयेला है , तो कल किसी के घर में हिजड़े बच्चा होने की खुशी में नागिन डांस कर रयेले हैं। ये सब देख देख के सर्किट के अंदर का बाप जागा और उसने फटाफट गुड न्यूज सुना डाला। बोले तो उसकी एक्साइटमेंट का एक टाइम अइसा भी था कि वो मिसेज सर्किट से तीसरे-चौथे महीने से इच पूछने लगा कि बच्चा कब होएंगा। रोज डेली ये सवाल सुनके बेचारी के सिर में हेडेक हो जाता था।
जब बच्चा हो गया तो चार पांच दिन के बाद इच सर्किट के भेजे की साइकल का टायर पंचर हो गया। मिसेज सर्किट के आगे एक और सवाल-ये बड़ा कब होएंगा। वइसे गॉड का करम है कि अभी तलक सर्किट भोत हैपी है। अक्खा बस्ती में मिठाई बंट रयेली है। और जब से हिजड़े ने उसके बच्चे कू रितिक रोशन जइसा बोला है न , तब से सर्किट क्रे जी हो गयेला है। बच्चे के करियर की टेंशन जो दूर हो गयेली है।
अपुन का अक्खा गैंग भोत खुश है इस नए मेंबर के आने से। कल शाम कू धंधे के बाद अपुन लोग खोली पे बैठ के जशन मना रयेले थे कि अचानक पक्या ने सबकू सेंटी कर दिया। बोला , मुन्ना भाई अभी तलक सर्किट कू बच्चा पैदा करना मुश्किल लग रयेला था पन मुश्किल काम तो अब शुरू हुआ है। अपुन कू भाभी के बारे में सोच सोच के टेंशन हो रयेली है। उसके इत्ते सारे सवाल के जवाब भाभी कू ढूंढने हैं। ये बच्चा बोलना कब सीखेगा , चलना कब सीखेंगा , दांत कब आएंगे , स्कूल में एडमिशन का टेंशन , उसके बाद एग्जाम में अच्छे नंबर का लोचा। फिर कॉलेज में एडमिशन का चक्कर , फिर नौकरी कब लगेगी। अच्छी नौकरी मिलेगी कि नहीं , सैलरी भी अच्छी होनी चाहिए। तभीच अज्जू कड़वा बोला - सर्किट की ये टेंशन सिर्फ उसके बेटे की शादी तक इच होगी। अच्छी लड़की कइसे मिलेंगी ? बेटे के बारे में मिसेज सर्किट से उसका ये लास्ट सवाल होगा। एक बार मैरिज हो जाएगी तो बहू के चक्कर में आके मां-बाप कू अइसा ठेंगा दिखाएंगा कि अक्खा टेंशन खल्लास।
कड़वे के मुंह से करेले से भी कड़वी बात सुनके सर्किट ने उसकू दो हाथ पिन्हाए और बोला कि फर्स्ट टाइम अपुन बाप बनेला है , इसका वास्ते टेंशन होती है। फ्यूचर में क्या लिखेला है तू अभी से इच काइकू भविष्यवाणी कर रयेला है ? सर्किट ने उसकू खुन्नस तो दिखा दी पन बाद में अपुन ने भी फील किया कि कड़वे के थोबड़े से कड़वा सच सुनके सर्किट संभल गया और उसके बाद से भाभी से कोई भी सवाल नहीं किया।
नमिता जोशी
गुरुवार, 10 अप्रैल 2008
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
.jpg)
7 टिप्पणियां:
बहुत खूब। मुंबई को दिल्ली में उतारने के लिए। वैसे सर्किट को बाप बनने की बधाई। अच्छा लिखा है आपने।
क्या बाप !! क्या लिखा है ! अच्छे अच्चों का मामू बना दिया !सई जा रिये हो !
बोले तो बिन्दास ......
सर्किट को बधाई, और आपको भी एकदम मुंबईया स्टाइल में लिख कर हंसाने के लिये।
बोले तो एकदम झकास
bahut achchha item likela hai sarkit ki aaee ne, bole to bilkul mast.
भोत मज़ा आ गेला मामू...कित्ती मुश्किल होती थी हर हफ्ते अखबार में टपोरी को ढूंढने में. अब तो अक्खा इंडिया पढ़ेगा टपोरी को.
मजा आ गेला मामू. कित्ती मुश्किल होती थी अपुन को हर हफ्ते अखबार में टपोरी को ढूंढने में. अब तो अक्खा इंडिया पढ़ेंगा इस मस्त सीरीज को..
एक टिप्पणी भेजें