नमिता जोशी
एक चैनल में मैच और दूसरे चैनल में मुंबई का दंगा...अपुन कू आमची मुंबई में हो रयेले बवाल की न्यूज देखनी थी और सर्किट कू मैच। विनर सर्किट निकला, बोले तो मैच देख-देख कू क्रिकेट खेलना आया या नहीं, ये तो मालूम नहीं, पन अपुन से रिमोट की लड़ाई में हर बार विनर वोइच होता है। ठाकरे की सेना ने अपुन के फेवरेट हीरो बिग बी के घर तक कू नहीं छोड़ा और इस येड़े सर्किट कू सड़ेले इंडिया-श्रीलंका मैच की पड़ेली थी। खुन्नस में आके अपुन ने सर्किट कू अक्खा वर्ल्ड की गालियां दे डालीं।
काश! अपुन के पास दो रिमोट होते या फिर दो टीवी...। नहीं, रिमोट तो अइसा होता, जिससे अपुन इस सर्किट का भेजा फ्राई कर डालता। इसका उठना-बैठना सब अपुन के उस रिमोट के बटन पर डिपेंड होता। एक बटन दबाके सर्किट की कचर कचर पॉज कर देता। जास्ती पंगा करता तो फास्ट फॉरवर्ड में डाल देता। बोरिंग मैच देखके अपुन कल्लू कबाड़ी की भंगार की दुकान पे चला गया। उदर, जइसे अपुन का सपना सच हो गया। कल्लू कबाड़ी से अपुन ने दिल की बात बोली तो उसने गॉड के माफिक अपुन के हाथ में एक रिमोट टिका दिया। बोला, ये ट्राई करके देखो। अपुन वो रिमोट लेके खोली पे वापस आ
ट्रायल करने के वास्ते अपुन ने सबसे पहले तो पॉज का बटन दबाया और सर्किट की टेप के माफिक चलती बकवास कू उदर का उदर इच रोक दिया। मैजिक काम कर गया। सर्किट पॉज हुआ तो अपुन ने टीवी का रिमोट झटका और अपना फेवरेट न्यूज चैनल जी भरके देखा। लंच टाइम पे अपुन कू भूख लगी तो सर्किट कू देखके दया आ गई। प्ले का बटन दबातेइच उसकी बकवास चालू। अपुन कू इस बार उसकी बकवास सुनके बिल्कुल बुरा नहीं लगा। रिमोट जो आ गयेला था अपुन के पास। ही..ही..। इदर लंच खल्लास उदर सर्किट की बकवास खल्लास। स्लीप का बटन दबाके उसकू स्लीप में डाल दिया और अपुन फिर से बैठ गया टीवी के आगे।
मैजिकल रिमोट मिलते इच अपुन की तो खुशी का ठिकाना इच नहीं था। अब दिल में आया कि सर्किट कू फास्ट फॉरवर्ड में भेजूं तो कइसा रहेंगा? आइडिया बुरा नहीं था अपुन का, आई शप्पथ। इसकू थोड़े दिन आगे भेजकू देखता है कि इसका फ्यूचर में क्या लिखेला है गॉड। हाइला, ये अपुन से क्या हो गयेला है? अपुन ने क्या देखा, सर्किट मुंबई में है और वो भी मुंबई का किंग, बोले तो सबसे बड़ा डॉन! बात इदर इच खल्लास नहीं हुई। उसके बाजू में वो कौन खड़ेला है? अरे ये तो अपुन है। पन ये सर्किट अपुन कू काइकू हड़का रयेला है? नहीं............! ये नहीं हो सकता! सर्किट अपुन का बाजा बजा रयेला है! अपुन का चिरकुट अपुन के इच सर पे बैठ के अपुन की पुंगी बजाने वाला है फ्यूचर में।
इतना खतरनाक फ्यूचर देखकू अपुन ने जल्दी से बटन दबाया और वापस आज में आया। रिमोट फेंका और जल्दी से सर्किट कू डॉन बनने से रोकने का आइडिया सोचने लगा। भेजे की बत्ती जली तो समझ में आया कि मुन्ना इस सर्किट से पंगा नहीं लेने का, नहीं तो ये फ्यूचर में तेरी पुंगी बजाएगा। बस, आइडिया आते इच अपुन ने टीवी का रिमोट उसके हाथ में थमाया और सोने चला गया।
गुरुवार, 14 फ़रवरी 2008
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1 टिप्पणी:
क्या मुन्ना भाई बोले तो सर्किट को टपका दे...:०
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