मंगलवार, 16 अक्टूबर 2007
50 का गेम 20 में खल्लास
ट्वेंटी 20 क्रिकेट अपुन कू जम गया, एकदम दही के माफिक। बोले तो अपुन कू तो अइसा लगता है कि जिसके भी भेजे में 20 ओवर के मैच का आइडिया आया होएंगा, वो दिल से इंडियन होगा। वर्ल्ड कप में इंडियन टीम का सड़ेला परफॉर्मेंस देख के इच उसने सोचा होएंगा कि पचास ओवर तक टीम की बेइज्जती खराब करने से तो अच्छा है कि बीस ओवर में इच गेम खल्लास करो। खुशी की बात ये है कि बीस ओवर के मैच कू सारे देश की टीम अइसे ले रयेली है जइसे पचास ओवर का गेम हो। कोई दस छक्के लगा रयेला है तो कोई बीस ओवर में 260 रन ठोक रयेला है। कोई सेंचुरी बना रयेला है तो कोई बीस बॉल में हाफ सेंचुरी ठोक रयेला है। अपुन की टीम भी वइसे कुछ कम नहीं है। पहले पच्चास ओवर में जइसा खराब खेलती थी, अभी भी वो स्टाइल मेनटेन कर रयेली है। वो तो गॉड ने बचा लिया स्कॉटलैंड से जो पहला मैच नहीं हुआ, वरना वर्ल्ड कप में पाकिस्तान के माफिक हाल होता। आई शप्पथ, स्कॉटलैंड के नाम से भी अपुन कू डर लगता है। ये भी गॉड की कृपा है कि टीम का कोई कोच नहीं है, नहीं तो स्कॉटलैंड से मैच के बाद एक और मर्डर मिस्ट्री पैदा हो जाती, जिसकी गुत्थी कोई जेम्स बॉन्ड नहीं सुलझा पाता। वूल्मर मर्डर के बाद वाला सस्पेंस अभी तलक खल्लास नहीं हुआ है। पाकिस्तान के साथ मैच में भी गॉड ने अपुन की टीम का भोत हेल्प किया। वइसे टीम तो अपने पुराने स्टाइल से हारने के इरादे से इच मैदान में उतरी थी। प्लेयर लोग ने अपनी साइड से हारने में कोई कसर नहीं छोड़ी थी। साइकल स्टैंड के माफिक एक इच धक्के में सब के सब गिरने कू रेडी थे। स्कोर भी अब तलक का सबसे कम। फिर बॉलिंग की बारी आई तो पाक टीम कू जिताने के वास्ते पूरी हेल्प भी की। मालूम नहीं लास्ट बॉल में कइसे चूक हो गई और मैच टाई हो गया। वो तो भला हो उस आदमी का जिसने टी20 गेम के रूल बनाएले हैं। इंडिया की बेइज्जती खराब होने से बचाने के वास्ते क्रिकेट में फुटबॉल का रूल ठोक डाला। ताकि अपुन की नाक कू कोई भी सूर्पनखा समझ के काट न दे। बोल आउट में सहवाग से बॉलिंग कराके एक बार फिर टीम ने अपना रेकॉर्ड मेनटेन करने की कोशिश की। इस बार गॉड ने फिर हेल्प किया। अपुन ने बाद में न्यूजपेपर में पढ़ा कि पाकिस्तान टीम के कैप्टन कू इस नए रूल के बारे में कुछ मालूम इच नहीं था। अब तुम इच बोलो कि अगर उसकू ये रूल मालूम होता तो क्या इंडिया का कोई चांस था? अपुन कू तो नहीं लगता। इसलिए अपुन तो इस नए क्रिकेट कू पैदा करने वाले का थैंक्यू करता है। पचास का गेम बीस में खल्लास करके अपुन की लाज बचा ली।
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